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सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: विष्णु देव साय ने प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी निर्माण कार्य में कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि सड़क बनने के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कें आम लोगों की सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक कार्य हैं और इनसे सरकार की छवि भी बनती है। यदि सड़क कुछ ही वर्षों में खराब हो जाती है तो इससे सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले बनी इस सड़क का जल्द खराब होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण में हुई कमियों की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए गुणवत्ता की सख्त निगरानी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कार्य हो रहे हैं, लेकिन इसकी जानकारी आम लोगों तक नहीं पहुंच पाती। उन्होंने निर्देश दिए कि बड़ी सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराए जाएं ताकि लोगों को इन विकास कार्यों की जानकारी मिल सके।

उन्होंने टेंडर से लेकर कार्य आवंटन तक की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार ठेकेदार बहुत कम दर पर टेंडर ले लेते हैं, जिससे काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां बरसात के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। इन गांवों को सड़क और पुल-पुलियों के माध्यम से जोड़ने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

बैठक में मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा तक बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 सहित कई सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा गीदम–दंतेवाड़ा मार्ग, रायपुर–दुर्ग मार्ग और अन्य सड़कों के निर्माण कार्यों पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने शासकीय भवनों के निर्माण को लेकर भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब सरकारी भवनों को आधुनिक डिजाइन और तकनीक के आधार पर बनाया जाना चाहिए तथा भूमि के बेहतर उपयोग के लिए वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा दिया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पीडब्ल्यूडी सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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